माँ मुझे दो ऐसी पावन शक्ति  


माँ मुझे दो ऐसी पावन शक्ति
तन मन से हो आपकी भक्ति
हो दूर मुझसे मेरा अंहकार
क्योकि यह ही देता है ऐसा निम्न विचार
के में हूँ श्रेष्ठ सभी से
और कर देता है भिन्न मुझसे
मेरा विनम्र व्यवहार
अंहकार रहित हो मेरी श्रृष्टि
माँ दो मुझे ऐसी पावन शक्ति
कृपा से आपकी हृदय मेरा
विनम्रता व प्रेम से हो स्पंदित
ताकि कर पाऊ मैं धरा के
लोगो के हृदय परिवर्तित
जो बनी रहे आपकी कृपा द्रिष्टि
माँ दो मुझे ऐसी पावन शक्ति
कर दो मेरी वाणी मधुर
सभी लोग हों मिलने को आतुर
सभी हों आनंदित व लाभान्वित
जब हो मेरी (सहजी की) उपस्थिति
माँ दो मुझे ऐसी निर्मल शक्ति
फैले चहुँ और सहज संस्कृति
प्रचार की कर दो ऐसी साधारण विधि
धरती, सागर व अम्बर के संग संग
झूम झूम के नाचे गए
सहज धुन में सारे सहजी
माँ दो मुझे ऐसी पावन शक्ति
तन मन से हो आपकी भक्ति

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