Acceptance - स्वीकार करना  

यह आपके अहंकार को अच्छेसे दूर करेगा... कुछ ग़लत भी हो जाए तो भी उसे स्वीकार करेजैसे के अगर आप रास्ता भूल जाए तोह आप को दुसरे लोगो की तरह नही सोचना चाहिए... बल्कि आपको यह सोचना चाहिए के "क्यों? हनुमान जी मुझे यहा कोई अच्छे हेतु से ही ले के आए होंगे...", उसे स्वीकार करे... उस परिस्थिति को स्वीकार करेजब आप परिस्थिति को स्वीकार कर लेते है तब आप अपने आप को देवताओ के हाथ मे दे देते है, जो आपको सही मार्ग दिखायेंगे (८८०७१०)


अगर कोई आपसे कहता है के आप बहोत गुस्सेवाले है... तोह उसे स्वीकार करे... यह बहोत अच्छी बात है के कोई है जो आपको यह बता रहा है। अगर आपको कोई कंजुष बोलता है तोह उसे स्वीकार करे... आपको स्वीकार करके अपनेआप मे बदलाव लाना चाहिए। अगर आप नही बदलना चाहते तोह बेहतर होगा के आप छोड़दे... यह सबसे महत्वपूर्ण बात है। (८१०९०४)



- जय श्री माताजी -

८८०७१० - Discretion of hamsa
८१०९०४ . - Advice given by Shri Mataji, Bramhan Court
८१०९०४. - Heart of the Universe, Caxton Hall

श्री माताजी निर्मला देवी